अगस्त माह बीत चुका है, सितम्बर प्रथम सप्ताह चल रहा है ।लेकिन अब तक हमारे प्रदेश की यशस्वी सरकार प्राथमिक विद्यालयों मे पुस्तकों का आवण्टन नही कर पायी है.। हो न हो पिछली सरकार मे तो आप खूब बोलते थे लेकिन अब जब आप की सरकार आई तो आप ये भूल गये।हम तो यही कहेंगेकि आप उनसे भी गए गुजरे प्रतीत हो रहें हैं।इस बीच "यशस्वी" शब्द आपकी शोभा बढ़ाने में मनोयोग से लगा हुआ है । जरूरत है तो बस ये कि आप भी मनोयोग से किये गये तथाकथित वादों को पूरा करें.।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर आपने बहुत तंज कसा था। हमें भी खुशी हो रही थी कि आप के आने से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त होगी।। परन्तु अभी तक की कार्यप्रणाली आपकी इच्छा को सन्देहास्पद सिद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं।
बात केवल पुस्तकों तक ही सीमित नहीं है वरन आपका कोई कदम शिक्षा व्यवस्था की सेहत पर प्रभावी नहीं है। जहां पिछली सरकार को विद्यालयों में अध्यापकों की कमी दिखती थी,आज आपको 65000 अध्यापक अधिक दिख रहे हैं।अगर हम ये माने कि शिक्षक अधिक हैं, तो आपको शिक्षा व्यवस्था में कमी कहाँ महसूस हो रही है? अगर शिक्षा व्यवस्था में कमी नहीं महसूस करते आप तो बैठे रहिये हाथ के ऊपर हाथ धरे.। अंतिम फैसला तो जनता को ही करना है।
फिर भी अगर यहां तक सब ठीक है तो आप ये बताइये कि शिक्षा मित्रों का समायोजन अवैध घोषित किए जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठा सके। ये भी आपकी यशस्वीता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है.।
विद्यालयों में अब तक जो हुआ वो ये है कि गणवेश आवण्टन हो गया है भले ही असमय हुआ हो, हम इसके लिए आपको धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।
ये तो रही बात शिक्षा की। अब अगर हम अपनी प्रशिक्षण की बात करें तो गौरतलब होगा कि शासन द्वारा BTC का एक सत्र शुन्य घोषित कर दिया गया है।अब आगे की प्रक्रिया सरकार भरोसे।
BTC के सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार की तारीफ तो करनी ही होगी, क्योंकि प्रशिक्षकों का भीषण अकाल जो है प्रदेश में।।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर आपने बहुत तंज कसा था। हमें भी खुशी हो रही थी कि आप के आने से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त होगी।। परन्तु अभी तक की कार्यप्रणाली आपकी इच्छा को सन्देहास्पद सिद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं।
बात केवल पुस्तकों तक ही सीमित नहीं है वरन आपका कोई कदम शिक्षा व्यवस्था की सेहत पर प्रभावी नहीं है। जहां पिछली सरकार को विद्यालयों में अध्यापकों की कमी दिखती थी,आज आपको 65000 अध्यापक अधिक दिख रहे हैं।अगर हम ये माने कि शिक्षक अधिक हैं, तो आपको शिक्षा व्यवस्था में कमी कहाँ महसूस हो रही है? अगर शिक्षा व्यवस्था में कमी नहीं महसूस करते आप तो बैठे रहिये हाथ के ऊपर हाथ धरे.। अंतिम फैसला तो जनता को ही करना है।
फिर भी अगर यहां तक सब ठीक है तो आप ये बताइये कि शिक्षा मित्रों का समायोजन अवैध घोषित किए जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठा सके। ये भी आपकी यशस्वीता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है.।
विद्यालयों में अब तक जो हुआ वो ये है कि गणवेश आवण्टन हो गया है भले ही असमय हुआ हो, हम इसके लिए आपको धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।
ये तो रही बात शिक्षा की। अब अगर हम अपनी प्रशिक्षण की बात करें तो गौरतलब होगा कि शासन द्वारा BTC का एक सत्र शुन्य घोषित कर दिया गया है।अब आगे की प्रक्रिया सरकार भरोसे।
BTC के सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार की तारीफ तो करनी ही होगी, क्योंकि प्रशिक्षकों का भीषण अकाल जो है प्रदेश में।।