Thursday, 24 August 2017

सरकार तक पहुंचेगी हर परिषदीय स्कूल की असली तस्वीर, अब शिक्षक नहीं छुपा सकेंगे हकीकत

 एटा: अब सिर्फ कागजों में ही संचालित परिषदीय स्कूलों की हकीकत नहीं छुप सकेगी। इसके अलावा शिक्षाधिकारियों द्वारा शासन को भेजे जाने वाली सभी स्कूलों के संचालन की रिपोर्ट पर शासन आंखे मूंदकर
भरोसा नहीं करेगा। स्कूलों की हकीकत पारदर्शी ढंग से शासन तक पहुंचे इसके लिए अब फोटोग्राफ को माध्यम बनाया गया है। संचालित स्थिति में स्कूलों की फोटोग्राफ शिक्षक और विद्यार्थियों सहित जुटाएगा और इसी हकीकत के साथ शासन ने आगामी बैठक में सभी शिक्षाधिकारियों को तलब किया है।
हालांकि समय बदलने और शासन-प्रशासन का शिकंजा कसने की स्थिति में परिषदीय स्कूलों के संचालन की स्थिति में खुद विभाग काफी सफल मान रहा है। इसके बावजूद भी शासन का भरोसा जिला स्तर से भेजे जाने वाली रिपोर्टों पर नहीं हैं। क्योंकि अभी भी यही माना जा रहा है कि हर जिले में सीमावर्ती व दूरस्थ स्थित विद्यालयों में न बच्चे हैं और न ही शिक्षक पहुंचते हैं। यहां तक कि इन स्कूलों के शिक्षकों की शिक्षाधिकारियों से साठगांठ होने को लेकर भी शासन को शक है। इसी कारण हाल ही में सभी जिलों के बेसिक शिक्षाधिकारियों को निर्देश भेजे गए हैं कि शतफीसद स्कूलों के संचालन की सिर्फ रिपोर्ट से काम नहीं चलेगा, इसके लिए साक्ष्य सहित आगामी होने वाली बैठक में उपस्थित हों। स्कूलों के संचालन के साक्ष्य के रूप में कहा गया है कि हर विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों का ऐसा फोटोग्राफ, जोकि विद्यालय परिसर को भी प्रदर्शित करता हो तैयार कराए जाएं। इन फोटोग्राफ से स्कूलों में शिक्षकों की संख्या और बच्चों की उपस्थिति का अंदाजा भी आसानी से लग जाएगा। बीएसए एसके तिवारी ने कहा है कि इस संबंध में निर्देश मिल चुके हैं। उसी के अनुरूप स्कूलों के संचालन की स्थिति को बयां करने वाले फोटोग्राफ उपलब्ध कराने को निर्देशित कर दिया है।
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